अब 10वीं के बाद लें इंजीनियरिंग कोर्स में एडमिशन, प्राइवेट इंस्टीट्यूट्स ऑफर कर रहे हैं 6 साल का BTech कोर्स



<p style="text-align: justify;">परीक्षाओं की अव्यवस्था को दूर करके भारत के सबसे पॉपुलर प्रोफेशनल प्रोग्राम के स्ट्रक्चर में बदलाव करते हुए प्राइवेट इंस्टीट्यूट बीटेक का 6 साल का कोर्स ऑफर कर रहे हैं. इसके तहत 10वीं क्लास के बाद उम्मीदवारों का नामांकन किया जा रहा है और &ldquo;फ्रीडम फ्रॉम ऑल कंपटीटिव एग्जाम&rdquo; &nbsp;के तहत लाइफ टाइम पैकेज डील ऑफर की जा रही है. वहीं यह देखते हुए कि कोरोना महामारी की वजह से 10वीं कक्षा की परीक्षा कैंसल कर दी गई हैं कई जगहों पर इंजीनियरिंग कोर्सेस में एडमिशन नौंवी कक्षा के अंकों के आधार पर किए जा रहे हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>इंजीनियरिंग प्रोग्राम के नए वर्जन का ये है मॉडल </strong></p>
<p style="text-align: justify;">गौरतलब है कि पारंपरिक चार वर्षीय इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम में कक्षा 12 के ग्रेड और JEE और स्टेट CET जैसे कठिन टेस्ट के बाद एडमिशन मिलता है. वहीं इंजीनियरिंग प्रोग्राम का नया वर्जन या तो संरचनात्मक रूप से थ्री-प्लस-थ्री का मॉडल है या टू-एंड-फोर का फॉर्मेट है.वहीं एमआईटी-वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी ने इस साल ही ये कार्यक्रम शुरू किया है और इसकी पॉपुलरिटी का एक कारण ये भी है कि &ldquo; एक इंजीनियरिंग सीट का आश्वासन&rdquo; भी दिया गया है. रजिस्ट्रार प्रशांत दवे का कहना है कि, &ldquo; एक बार जब कोई स्टूडेंट 10वीं क्लास के बाद एडमिशन पा लेता है तो वह कक्षा 12 की परीक्षा, CET स्कोर और एक कॉलेज को ढूंढने की परेशान से बच जाता</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>नया वर्जन बीटेक डिग्री के लिए ऑल्टरनेटिव रूट है</strong></p>
<p style="text-align: justify;">टीओआई में छपी रिपोर्ट के मुताबिक NMIMS में 6 साल के बीटेक प्रोग्राम की डायरेक्टर सीमा शाह कहती हैं कि, &ldquo; ये कार्यक्रम बीटेक डिग्री प्राप्त करने के लिए ऑल्टरनेटिव रूट है. इंजीनियरिंग के लिए&nbsp; कई परीक्षाएं देने वाले स्टूडेंट्स में काफी तनाव देखने को मिलता है. यूनिवर्सिटी डिप्लोमा ऑफर करती हैं. हम स्टेट के पॉलिटेक्निक कुरिकुलम या परीक्षा को फॉलो नहीं करते हैं.&rdquo;</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>6 साल के कोर्स के बाद छात्र बेहतर इंजीनियर बनता है</strong></p>
<p style="text-align: justify;">वहीं प्राइवेट इंस्टीट्यूट कोर्स के लिए मोटी रकम भी वसूलते हैं. गुजरात के गणपत विश्वविद्यालय के अमित पटेल कहते हैं कि, "तीन साल के बाद छात्र को डिप्लोमा मिलता है और छह साल के अंत में उम्मीदवार को बीटेक की डिग्री प्रदान की जाती है. &nbsp;छात्र छह साल टेक्निकल एजुकेशन सीखने &nbsp;में बिताते हैं जो उन्हें बेहतर इंजीनियर बनाता है.</p>
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