शिक्षा मंत्रालय ने जारी किया परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स, स्कूल एजुकेशन रैंकिंग में टॉप पर हैं पंजाब, तमिलनाडु सहित ये राज्य


एजुकेशन मिनिस्ट्री द्वारा रविवार को जारी किए गए परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स ( PGI) के लेटेस्ट एडिशन में चंडीगढ़, पंजाब, तमिलनाडु और केरल राज्य टॉप पर हैं.  बता दें कि केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ की मंजूरी के बाद ये परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (PGI) 2019-20 का थर्ड एडिशन जारी किया गया है. इसके तहत राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों द्वारा स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में कि गई पहलों के आधार पर ग्रेड दिए जाते हैं.

इस आधार पर किया गया है राज्यों को स्कोर

PGI एकीकृत जिला सूचना प्रणाली प्लस, राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण, मध्याह्न भोजन, सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली और शगुन पोर्टल से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर स्कूली शिक्षा में प्रदर्शन का मूल्यांकन करता है. ये डाटा सभी स्कूली शिक्षा विभाग द्वारा मैंटेन किया जाता है. पीजीआई में, राज्यों को एक्सेस, इंफ्रास्ट्रक्चर, इक्विटी और लर्निंग के परिणामों सहित 70 मापदंडों में कुल 1,000 अंकों पर स्कोर किया गया है.

इन राज्यों ने किया  पीजीआई स्कोर में 10 प्रतिशत का सुधार

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, पुडुचेरी, पंजाब और तमिलनाडु ने ओवरऑल पीजीआई स्कोर में 10 प्रतिशत यानी 100 या अधिक अंकों का सुधार किया है.

बता दें कि पिछले साल टॉप ब्रैकेट (या ग्रेड 1++) पर चंडीगढ़, गुजरात और केरल का कब्जा था. लेटेस्ट एडिशन में गुजरात दूसरे ब्रैकेट (ग्रेड 1+) पर फिसल गया है, जिस पर हरियाणा, महाराष्ट्र, दिल्ली, राजस्थान, पुडुचेरी और दादरा और नगर हवेली का कब्जा है.

इंफ्रास्ट्रक्चर में 13 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने 10% का दिखाया सुधार

शिक्षा मंत्रालय ने कहा कि 13 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने ‘ इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाओं’ में 10 प्रतिशत या उससे अधिक का सुधार दिखाया, जबकि अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और ओडिशा ने अपने स्कोर में 20 प्रतिशत या उससे ज्यादा का सुधार किया है. वहीं ‘इक्विटी’ में अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर और ओडिशा ने 10 फीसदी से अधिक का सुधार दिखाया है. ‘गवर्नेंस प्रोसेस’  में 19 राज्यों ने 10 प्रतिशत या उससे अधिक का सुधार दिखाया है.

पहली बार PGI को 2019 में जारी किया गया था

गौरतलब है कि पीजीआई की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्कूली शिक्षा में अभूतवपूर्व बदलाव लाने के विज़न के तहत हुई थी. इसमें 70 मापदंडों के एक सेट के तहत राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों को ग्रेड दिए जाते हैं. पहली बार यह इंडेक्स 2019 में जारी किया गया था जिसके लिए 2017-18 में राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों द्वारा की गई पहल को ध्यान में रखा गया था.

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