AISHE Report 2019-20: हायर एजुकेशन में स्टूडेंट्स एनरोलमेंट में हुआ 11.4% का इजाफा, PhD करने वालों की संख्या 60% बढ़ी


केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने गुरुवार को अखिल भारतीय उच्च शिक्षा सर्वेक्षण (AISHE) रिपोर्ट 2019-20 जारी की. इस रिपोर्ट के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में 2015-16 से 20219-20 में हायर एजुकेशन में स्टूडेंट्स एनरोलमेंट में 11.4 प्रतिशत का इजाफा हुआ है. वहीं महिला एनरोलमेंट में 18.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई है.

ऑल इंडिया सर्वे 2019-20 रिपोर्ट जारी करने पर शिक्षा मंत्री ने जताई खुशी
केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल ने गुरुवार को AISHE 2019-20 की रिपोर्ट जारी करने को मंजूरी दी. ये रिपोर्ट देश में हायर एजुकेशन की वर्तमान स्थिति को प्रदर्शित करती है. इस संबंध में शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने ट्वीट कर लिखा, “ मुझे उच्च शिक्षा पर ऑल इंडिया सर्वे 2019-20 रिपोर्ट जारी करने की घोषणा करते हुए खुशी हो रही है. जैसा कि आप देख सकते हैं, हमने जीईआर, जेंडर समता सूचकांक में सुधार किया है. राष्ट्रीय महत्व के इंस्टीट्यूट्स की संख्या में 80 प्रतिशत (2015 में 75 से 2020 में 135 तक ) की वृद्धि हुई है.”

हायर एजुकेशन में छात्रों का एनरोलमेंट 2019-20 में बढ़ा
AISHE 2019-20 रिपोर्ट के अनुसार हायर एजुकेशन में छात्रों का कुल एनरोलमेंट 2018-19 में 3.74 करोड़ की तुलना में 2019-20 में 3.85 करोड़ रहा, जिसमें 11.36 लाख (3.04 प्रतिशत) की वृद्धि दर्ज की गई है वहीं 2014-15 में कुल नामांकन 3.42 करोड़ था. जहां तक ग्रॉस एनरोलमेंट रेश्यो (जीईआर) की बात है तो, हायर एजुकेशन में एनरोल्ड एलिजिबल  आयु वर्ग के छात्रों का प्रतिशत, 2019-20 में 27.1 प्रतिशत रहा, जबकि 2018-19 में ये 26.3 प्रतिशत और 2014-2015 में 24.3 प्रतिशत था.
हायर एजुकेशन में जेंडर पैरिटी इंडेक्स में हुआ सुधार
वहीं रिपोर्ट में कहा गया है कि, “2019-20 में हायर एजुकेशन में जेंडर पैरिटी इंडेक्स (जीपीआई) 1.01 रहा जबकि 2018-19 में यह 1.00 था. इसमें आगे कहा गया है कि 2019-20 में उच्च शिक्षा में छात्र-शिक्षक अनुपात 26 है.
 
 2019-20 में पीएचडी करने वाले छात्रों की संख्या बढ़ी
रिपोर्ट के अनुसार अंडरग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट लेवल के प्रोग्राम्स में 3.38 करोड़ छात्रों ने एनरोलमेंट कराया इनमें से लगभग 85 प्रतिशत छात्रों (2.85 करोड़) ने छह प्रमुख विषयों जैसे ह्यूमैनिटिज, साइंस, कॉमर्स, इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी, मेडिकल साइंस और आईटी और कंप्यूटर में एनरोलमेंट कराया था.
रिपोर्ट के अनुसार 2019-20 में पीएचडी करने वाले छात्रों की संख्या  में भी इजाफा हुआ है. इस दौरान 2.03 लाख स्टूडेंट्स ने पीएचजी की जबकि 2014-15 में पीएचडी करने वाले छात्रों की संख्या 1.17 लाख थी.

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